मुख्यमंत्री ने नेरी कॉलेज के बॉयज हॉस्टल के लिए दो करोड़ रुपये की घोषणा की

cheque of Rs.1 lakh

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि बागवानी क्षेत्र का ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान है। पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के बाद, बागवानी और कृषि वे सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं, जो किसानों की आय बढ़ा सकते हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना सकते हैं।

यह बात उन्होंने हमीरपुर जिले के नेरी में बागवानी और वानिकी कॉलेज के छात्रों से बातचीत करते हुए कही और उन्हें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मूल्यवान सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने नेरी कॉलेज के बॉयज हॉस्टल के लिए दो करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में बागवानी के महत्व पर जोर दिया और कॉलेज में जैव सूचना विज्ञान (बायोइंफॉर्मेटिक्स) सहित नए पाठ्यक्रमों को शुरू करने की योजना की घोषणा की, ताकि छात्र नवीनतम तकनीक को अपनाकर अपना भविष्य संवार सकें।

उन्होंने हरित ऊर्जा और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उल्लेख किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाना है और इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में सभी सरकारी विभागों को चरणबद्ध तरीके से ई-वाहन प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि नालागढ़ में तेल इंडिया कंपनी के सहयोग से एक मेगावाट क्षमता वाला हरित हाइड्रोजन संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा, ऊना जिले के पेखूबेला में चार महीने के रिकॉर्ड समय में 32 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना पूरी की गई है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सरकार की पहलों के बारे में भी बात की, जिसमें राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों की स्थापना और पांच से कम छात्रों वाले स्कूलों का विलय शामिल है। भविष्य की जरूरतों के आधार पर शैक्षणिक संस्थानों में नवीन पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सके। उन्होंने राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के 850 शैक्षणिक संस्थानों को उत्कृष्टता के संस्थान के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने डेयरी किसानों के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं और मौजूदा संसाधनों के माध्यम से राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा अपनाए जा रहे कड़े उपायों के बारे में भी जानकारी दी। पिछली भाजपा सरकार ने राज्य को वित्तीय कर्ज में धकेल दिया है और हम मौजूदा संसाधनों से बेपटरी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने 1.36 लाख कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) देने का भी जिक्र किया। उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों, विशेष रूप से टांडा मेडिकल कॉलेज, अटल सुपर स्पेशलिटी इंस्टीट्यूट, चमीयाना और आईजीएमसी शिमला में डॉक्टरों और पैरा-मेडिकल स्टाफ के पदों को भरने का भी उल्लेख किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की दो पुस्तकों ‘माइक्रो प्रोपेगेशन और मॉलिक्यूलर बायोलॉजी की मूलभूत तकनीक’ और ‘अमरूद के मूल्य वर्धित उत्पाद’ का भी विमोचन किया।

इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार और कैप्टन रंजीत राणा, कांगड़ा सहकारी बैंक के अध्यक्ष कुलदीप पठानिया, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, एपीएमसी के अध्यक्ष अजय शर्मा, पूर्व विधायक अनीता वर्मा और मंजीत डोगरा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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