मणिपुर जातीय संघर्ष के 19 कुकी-ज़ो पीड़ितों को सामूहिक दफ़नाया गया

Kuki-Zopeople

चुराचांदपुर जिला अस्पताल के शवगृह में रखे गए चार मैतेई लोगों के शवों को भी उनके अंतिम संस्कार के लिए इम्फाल ले जाया गया।

सात महीने से अधिक समय पहले मणिपुर की जातीय हिंसा में मारे गए 19 कुकी-ज़ो लोगों के शवों को राज्य के कांगपोकपी जिले में दफनाया गया था।
मई में मणिपुर के जातीय संघर्ष के दौरान मारे गए कुकी-ज़ो समुदाय के सात वर्षीय लड़के सहित 19 लोगों का अंतिम संस्कार 15 दिसंबर को राज्य के कांगपोकपी जिले में किया गया था।
पीड़ित परिवारों के सदस्य उन सैकड़ों लोगों में शामिल थे, जो जिला मुख्यालय कांगपोकपी से लगभग 20 किमी दूर फैजांग गांव में सामूहिक दफन में शामिल हुए थे। दफ़नाने का आयोजन जिले में सक्रिय कुकी नागरिक निकाय, आदिवासी एकता समिति (सीओटीयू) द्वारा किया गया था।
ये 19 शव उन 60 शवों में से थे जिन्हें गुरुवार को राज्य की राजधानी इंफाल के दो मुर्दाघरों से एयरलिफ्ट किया गया था। अन्य 41 को चुराचांदपुर जिले में ले जाया गया, जहां अगले सप्ताह अंतिम संस्कार किए जाने की संभावना है।

चुराचांदपुर जिला अस्पताल के शवगृह में रखे गए चार मैतेई लोगों के शवों को भी उनके अंतिम संस्कार के लिए इम्फाल ले जाया गया।

सुप्रीम कोर्ट का धक्का सुप्रीम कोर्ट के 29 नवंबर के मणिपुर सरकार को उनके “सभ्य और सम्मानजनक” निपटान की मांग के निर्देश के बाद शवों को ले जाया गया। अंतिम संस्कार सेवा के लिए सीओटीयू द्वारा बुलाए गए 12 घंटे के बंद के बीच शुक्रवार को सामूहिक दफ़नाना किया गया।

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